अभी सिर्फ देख शिख होता है
वो ऐसे कर रहा है हम भी ऐसे करे।पूजा में 4 चीज होना अनिवार्य है
जो की अभी किसी में नहीं के बाराबर है
तो सही मायने में तो पूजा हमसे पूजा होती नहीं है
पद्धति मतलब नियम तरीका जो हमें मालूम नहीं है
हमारे पूर्वज जो बेल पत्र चढ़ाते थे देख के हम भी चढाने लगेहमारे पूर्वज जैसे जैसे पूजा करते थे
हम वेसे ही करने लगे चाहे वो सही हो या ना हो।पूजा कैसे किया जाता है
तो पहले जान ले पूजा कैसे की जाती है गुरु सिखाते है!
शिव की शिष्यता
शिव की शिष्यता में जरुरी नहीं
पूजा पद्धति और शिव की शिष्यता अलग है
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